BibleAll
Home
Bible
Parallel Reading
About
Contact
Login
Verse of the Day
What time I am afraid, I will trust in thee.
Psalm: 56:3
King James Versions
Tamil Bible
Alkitab Bible
American Standard Version
Bible Latinoamericana Spanish
Biblia Ave Maria
Biblia Cornilescu Română
Biblia Cristiana en Espaคol
Bà¸blia da Mulher Catขlica
Elberfelder Bible
Hebrew Bible (Tanakh)
Hindi Bible
Holy Bible in Arabic
Holy Bible KJV Apocrypha
Italian Riveduta Bible
La Bible Palore Vivante
La Bible Darby Francis
La Biblia Moderna en Espaคol
La Biblia NTV en Espaคol
Magandang Balita Biblia libre
Malayalam Bible
Marathi Bible
Tagalog Bible
Telugu Bible
The Holy Bible in Spanish
The Holy Bible RSV
The Vietnamese Bible
Urdu Bible
Zulu Bible Offline
БиблиÑ. Синодальный перевод
Punjabi Bible
Korean Bible
Select Book Name
उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿
निरà¥à¤—मन
लैवà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
गिनती
वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤µà¤¿à¤µà¤°à¤£
यहोशू
रूत
1 शमूà¤à¤²
2 शमूà¤à¤²
1 राजा
2 राजा
1 इतिहास
2 इतिहास
à¤à¤œà¥à¤°à¤¾
नहेमायाह
à¤à¤¸à¥à¤¤à¥‡à¤°
अयà¥à¤¯à¥‚ब
à¤à¤œà¤¨ संहिता
नीतिवचन
सà¤à¥‹à¤ªà¤¦à¥‡à¤¶à¤•
शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ गीत
यशायाह
यिरà¥à¤®à¤¯à¤¾à¤¹
विलापगीत
यहेजकेल
दानियà¥à¤¯à¥‡à¤²
होशे
योà¤à¤²
आमोस
ओबदà¥à¤¦à¤¾à¤¹
योना
मीका
नहूम
हबकà¥à¤•ूक
सपनà¥à¤¯à¤¾à¤¹
हागà¥à¤—ै
जकरà¥à¤¯à¤¾à¤¹
मलाकी
मतà¥à¤¤à¥€
मरकà¥à¤¸
लूका
यूहनà¥à¤¨à¤¾
पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤à¥‹à¤‚ के काम
रोमियो
1 कà¥à¤°à¤¿à¤¨à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚
2 कà¥à¤°à¤¿à¤¨à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚
गलातियों
इफिसियों
फिलिपà¥à¤ªà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚
कà¥à¤²à¥à¤¸à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚
1 थिसà¥à¤¸à¤²à¥à¤¨à¥€à¤•ियों
2 थिसà¥à¤¸à¤²à¥à¤¨à¥€à¤•ियों
1 तीमà¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥à¤¸
2 तीमà¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥à¤¸
तीतà¥à¤¸
फिलेमोन
इबà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚
याकूब
1 पतरस
2 पतरस
1 यूहनà¥à¤¨à¤¾
2 यूहनà¥à¤¨à¤¾
3 यूहनà¥à¤¨à¤¾
यहूदा
पà¥à¤°à¤•ाशित वाकà¥à¤¯
Chapter
Verse
Go
Prev
Hindi Bible
Next
उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ : 19
Track Name
00:00
00:00
Chapters
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43
44
45
46
47
48
49
50
सांठको वे दो दूत सदोम के पास आà¤: और लूत सदोम के फाटक के पास बैठा था: सो उन को देख कर वह उन से à¤à¥‡à¤‚ट करने के लिये उठा; और मà¥à¤‚ह के बल à¤à¥à¤• कर दणà¥à¤¡à¤µà¤¤ कर कहा;
हे मेरे पà¥à¤°à¤à¥à¤“ं, अपने दास के घर में पधारिà¤, और रात à¤à¤° विशà¥à¤°à¤¾à¤® कीजिà¤, और अपने पांव धोइये, फिर à¤à¥‹à¤° को उठकर अपने मारà¥à¤— पर जाइà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, नहीं; हम चौक ही में रात बिताà¤à¤‚गे।
और उसने उन से बहà¥à¤¤ बिनती करके उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मनाया; सो वे उसके साथ चल कर उसके घर में आà¤; और उसने उनके लिये जेवनार तैयार की, और बिना खमीर की रोटियां बनाकर उन को खिलाई।
उनके सो जाने के पहिले, उस सदोम नगर के पà¥à¤°à¥‚षों ने, जवानों से ले कर बूढ़ों तक, वरन चारों ओर के सब लोगों ने आकर उस घर को घेर लिया;
और लूत को पà¥à¤•ार कर कहने लगे, कि जो पà¥à¤°à¥‚ष आज रात को तेरे पास आठहैं वे कहां हैं? उन को हमारे पास बाहर ले आ, कि हम उन से à¤à¥‹à¤— करें।
तब लूत उनके पास दà¥à¤µà¤¾à¤° के बाहर गया, और किवाड़ को अपने पीछे बनà¥à¤¦ करके कहा,
हे मेरे à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚, à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ न करो।
सà¥à¤¨à¥‹, मेरी दो बेटियां हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अब तक पà¥à¤°à¥‚ष का मà¥à¤‚ह नहीं देखा, इचà¥à¤›à¤¾ हो तो मैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ पास बाहर ले आऊं, और तà¥à¤® को जैसा अचà¥à¤›à¤¾ लगे वैसा वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° उन से करो: पर इन पà¥à¤°à¥‚षों से कà¥à¤› न करो; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये मेरी छत के तले आठहैं।
उनहोंने कहा, हट जा। फिर वे कहने लगे, तू à¤à¤• परदेशी हो कर यहां रहने के लिये आया पर अब नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ à¤à¥€ बन बैठा है: सो अब हम उन से à¤à¥€ अधिक तेरे साथ बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करेंगे। और वे उस पà¥à¤°à¥‚ष लूत को बहà¥à¤¤ दबाने लगे, और किवाड़ तोड़ने के लिये निकट आà¤à¥¤
तब उन पाहà¥à¤¨à¥‹à¤‚ ने हाथ बढ़ाकर, लूत को अपने पास घर में खींच लिया, और किवाड़ को बनà¥à¤¦ कर दिया।
और उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¥à¤¯à¤¾ छोटे, कà¥à¤¯à¤¾ बड़े, सब पà¥à¤°à¥‚षों को जो घर के दà¥à¤µà¤¾à¤° पर थे अनà¥à¤§à¤¾ कर दिया, सो वे दà¥à¤µà¤¾à¤° को टटोलते टटोलते थक गà¤à¥¤
फिर उन पाहà¥à¤¨à¥‹à¤‚ ने लूत से पूछा, यहां तेरे और कौन कौन हैं? दामाद, बेटे, बेटियां, वा नगर में तेरा जो कोई हो, उन सà¤à¥‹à¤‚ को ले कर इस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से निकल जा।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हम यह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नाश करने पर हैं, इसलिये कि उसकी चिलà¥à¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ यहोवा के समà¥à¤®à¥à¤– बढ़ गई है; और यहोवा ने हमें इसका सतà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¶ करने के लिये à¤à¥‡à¤œ दिया है।
तब लूत ने निकल कर अपने दामादों को, जिनके साथ उसकी बेटियों की सगाई हो गई थी, समà¤à¤¾ के कहा, उठो, इस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ से निकल चलो: कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा इस नगर को नाश किया चाहता है। पर वह अपने दामादों की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ में ठटà¥à¤ ा करने हारा सा जान पड़ा।
जब पौ फटने लगी, तब दूतों ने लूत से फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ कराई और कहा, कि उठ, अपनी पतà¥à¤¨à¥€ और दोनो बेटियों को जो यहां हैं ले जा: नहीं तो तू à¤à¥€ इस नगर के अधरà¥à¤® में à¤à¤¸à¥à¤® हो जाà¤à¤—ा।
पर वह विलमà¥à¤¬ करता रहा, इस से उन पà¥à¤°à¥‚षों ने उसका और उसकी पतà¥à¤¨à¥€, और दोनों बेटियों का हाथ पकड़ लिया; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यहोवा की दया उस पर थी: और उसको निकाल कर नगर के बाहर कर दिया।
और à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उन को बाहर निकाला, तब उसने कहा अपना पà¥à¤°à¤¾à¤£ ले कर à¤à¤¾à¤— जा; पीछे की और न ताकना, और तराई à¤à¤° में न ठहरना; उस पहाड़ पर à¤à¤¾à¤— जाना, नहीं तो तू à¤à¥€ à¤à¤¸à¥à¤® हो जाà¤à¤—ा।
लूत ने उन से कहा, हे पà¥à¤°à¤à¥, à¤à¤¸à¤¾ न कर:
देख, तेरे दास पर तेरी अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ हà¥à¤ˆ है, और तू ने इस में बड़ी कृपा दिखाई, कि मेरे पà¥à¤°à¤¾à¤£ को बचाया है; पर मैं पहाड़ पर à¤à¤¾à¤— नहीं सकता, कहीं à¤à¤¸à¤¾ न हो, कि कोई विपतà¥à¤¤à¤¿ मà¥à¤ पर आ पड़े, और मैं मर जाऊं:
देख, वह नगर à¤à¤¸à¤¾ निकट है कि मैं वहां à¤à¤¾à¤— सकता हूं, और वह छोटा à¤à¥€ है: मà¥à¤à¥‡ वहीं à¤à¤¾à¤— जाने दे, कà¥à¤¯à¤¾ वह छोटा नहीं है? और मेरा पà¥à¤°à¤¾à¤£ बच जाà¤à¤—ा।
उसने उससे कहा, देख, मैं ने इस विषय में à¤à¥€ तेरी बिनती अंगीकार की है, कि जिस नगर की चरà¥à¤šà¤¾ तू ने की है, उसको मैं नाश न करूंगा।
फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€ से वहां à¤à¤¾à¤— जा; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब तक तू वहां न पहà¥à¤šà¥‡ तब तक मैं कà¥à¤› न कर सकूंगा। इसी कारण उस नगर का नाम सोअर पड़ा।
लूत के सोअर के निकट पहà¥à¤‚चते ही सूरà¥à¤¯ पृथà¥à¤µà¥€ पर उदय हà¥à¤†à¥¤
तब यहोवा ने अपनी ओर से सदोम और अमोरा पर आकाश से गनà¥à¤§à¤• और आग बरसाई;
और उन नगरों को और समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ तराई को, और नगरों को और उस समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ तराई को, और नगरों के सब निवासियों, à¤à¥‚मि की सारी उपज समेत नाश कर दिया।
लूत की पतà¥à¤¨à¥€ ने जो उसके पीछे थी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ फेर के पीछे की ओर देखा, और वह नमक का खमà¥à¤à¤¾ बन गई।
à¤à¥‹à¤° को इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® उठकर उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ को गया, जहां वह यहोवा के समà¥à¤®à¥à¤– खड़ा था;
और सदोम, और अमोरा, और उस तराई के सारे देश की ओर आंख उठा कर कà¥à¤¯à¤¾ देखा, कि उस देश में से धधकती हà¥à¤ˆ à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ का सा धà¥à¤†à¤‚ उठरहा है।
और à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤†, कि जब परमेशà¥à¤µà¤° ने उस तराई के नगरों को, जिन में लूत रहता था, उलट पà¥à¤²à¤Ÿ कर नाश किया, तब उसने इबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥€à¤® को याद करके लूत को उस घटना से बचा लिया।
और लूत ने सोअर को छोड़ दिया, और पहाड़ पर अपनी दोनों बेटियों समेत रहने लगा; कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह सोअर में रहने से डरता था: इसलिये वह और उसकी दोनों बेटियां वहां à¤à¤• गà¥à¤«à¤¾ में रहने लगे।
तब बड़ी बेटी ने छोटी से कहा, हमारा पिता बूढ़ा है, और पृथà¥à¤µà¥€ à¤à¤° में कोई à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¥‚ष नहीं जो संसार की रीति के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हमारे पास आà¤:
सो आ, हम अपने पिता को दाखमधॠपिला कर, उसके साथ सोà¤à¤‚, जिस से कि हम अपने पिता के वंश को बचाठरखें।
सो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उसी दिन रात के समय अपने पिता को दाखमधॠपिलाया, तब बड़ी बेटी जा कर अपने पिता के पास लेट गई; पर उसने न जाना, कि वह कब लेटी, और कब उठगई।
और à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† कि दूसरे दिन बड़ी ने छोटी से कहा, देख, कल रात को मैं अपने पिता के साथ सोई: सो आज à¤à¥€ रात को हम उसको दाखमधॠपिलाà¤à¤‚; तब तू जा कर उसके साथ सोना कि हम अपने पिता के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ वंश उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करें।
सो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उस दिन à¤à¥€ रात के समय अपने पिता को दाखमधॠपिलाया: और छोटी बेटी जा कर उसके पास लेट गई: पर उसको उसके à¤à¥€ सोने और उठने के समय का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ न था।
इस पà¥à¤°à¤•ार से लूत की दोनो बेटियां अपने पिता से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤
और बड़ी à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° जनी, और उसका नाम मोआब रखा: वह मोआब नाम जाति का जो आज तक है मूलपिता हà¥à¤†à¥¤
और छोटी à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° जनी, और उसका नाम बेनमà¥à¤®à¥€ रखा; वह अमà¥à¤®à¥‹à¤¨ वंशियों का जो आज तक हैं मूलपिता हà¥à¤†à¥¥
×
×
Save
Close